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| Wednesday 20 August, 2008 |
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bahgwan ki pratigya
* " मेरे मार्ग पर पैर रख कर तो देख, तेरेसब मार्ग ना खोल दु तो कहना !
* मेरे लिए खर्च करके तो देख, कुबेर के भंडार ना खोल दु तो कहना !
*मेरे लिए कड़वे वचन सुन कर तो देख, कृपा ना बरसे तो कहना !
*मेरे तरफ आकर तो देख, तेरा ध्यान ना राखु तो कहना !
*मेरी बाते लोगो से करके तो देख, तुझे मूल्यवान ना बना दो कहना !
*मेरे चरित्र का मनन करके तो देख, तुझे मूल्यवान ना बना दो कहना !
*मुझे अपना मददगार बना करके तो देख, तुझे सबकी गुलामी से छुड़ा ना दो तो कहना !
*मेरे लिए आसू बहा कर तो देख, तेरे जीवन मे आनंद के सागर ना भर दो तो कहना !
*मेरे लिए कुछ बनकर तो देख, तुझे कीमती ना बना दो तो कहना !
*मेरे मार्ग पर निकल कर के तो देख, तुझे शांति दूत ना बना दु तो कहना !
*स्वयं को न्योछावर करके तो देख, तुझे मशहूर ना बना दो तो कहना !
*मेरे कीर्तन करके तो देख,जगत का विस्मरण ना करा दु तो कहना !
*तू मेरा बनकर तो देख, हर एक को तेरा ना बना दु तो कहना !
"भगवान श्रीकृष्ण " * हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
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